अगर बिछड़ने से मुस्कुराहट लौट आये तुम्हारी,
वरना उसके दिल में रोज़ तूफ़ान उठते हैं।
बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं।
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,
ख़ुद Sad Shayari in Hindi को लाख संभाल लूँ, मगर ख़याल तो रहेगा।
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहता था,
बहुत तङपाते है अक्सर सीने से लगाने वाले।
क्योंकि वो बड़े लोग हैं अपनी मर्जी से बात करेंगे…!
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
किसी के पास सब कुछ होने पर भी दिल खाली रह जाता है,
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
तेरे बिना ये ज़िंदगी— अपने जैसी भी नहीं लगती अब।